रूपबास भरतपुर जिले का सबसे पुराना 70 वर्षउपखण्ड होने के बाद भी रूपबास में राजकीय महाविधालय नहीं हैजबकि महाविधालय भरतपुर व बयाना में है जिनकी दूरी 40 से 50 किलो मीटर तक पड़ती है छात्राओं को इतना दूर नहीं जा सकती है व गरीब छात्र छात्राओं इतना किराया केसे खर्च करे पिछली साल ही बनी उच्चेन जिसे अभी तक पूर्ण रूप से तहसील का दर्जा भी नहीं मिला है वहां भी राजकीय महाविधालय खुलचुका है व पिछले कई वर्षों से छात्र संगठनो ने प्रयास किया है परन्तु सरकार के द्वारा केवल अश्वासन है मिला है रूपबास उपखण्ड के अंतर्गत प्रतिवर्ष 55 00 से लेकर 6000 हजार तक छात्र छात्रा 12 क्लास पास करते है लेकिन राजकीय महाविधालय ना होने के कारण व गरीब होने की वजह से अपनी पढ़ाई छोड़ देते है जिसका परिणाम हमे उच्च शिक्षा में 1000 तक छात्र छात्रा ही रह कर मिलता है पिछले 3 सालो से लगातार धरना प्रदर्शन किया है परन्तु सरकार के द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाई दी व चुनाव लडने वाले नेता छात्र छात्राओं की अहम समस्या को जीतने के बाद भूल जाते है विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रतिवर्ष माग की जाती है राजकीय महाविधालय की माग पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन व भूख हड़ताल जारी है.......
Friday, February 21, 2020
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